मनिका। प्रखण्ड को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय ‘टीबी मुक्त भारत अभियान 2026’ के अंतर्गत शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मनिका के सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सीएचसी मनिका के प्रभारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें PPM कोऑर्डिनेटर, CHO, स्वास्थ्य कर्मी एवं सहिया उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान अभियान को सफल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई तथा संबंधित कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी जैसी गंभीर और संक्रामक बीमारी की समय रहते पहचान कर उसका समुचित उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि पूरे प्रखण्ड को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 9 मई से 19 मई तक प्रखण्ड के चिन्हित टीबी हाई-रिस्क गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगे, संदिग्ध मरीजों की पहचान करेंगे तथा उन्हें जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। साथ ही, लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।
कार्यशाला में CHO, BTT एवं सहिया की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिका के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री नमन कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
जिला यक्ष्मा नियंत्रण केंद्र के डीपीसी ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्य नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, कर्मियों एवं नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और समय पर जानकारी देकर उपचार सुनिश्चित करने में सहयोग करें।
बैठक के अंत में आशा व्यक्त की गई कि समग्र प्रयास और जागरूकता के माध्यम से मनिका प्रखण्ड को शीघ्र ही टीबी मुक्त बनाया जा सकेगा तथा ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।