कभी-कभी परिस्थितियाँ इंसान की सबसे कठिन परीक्षा लेती हैं—और वहीं कुछ लोग उस परीक्षा से और अधिक निखरकर सामने आते हैं।
लातेहार जिला परिषद की उपाध्यक्ष अनीता देवी आज ऐसे ही साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बनकर उभरी हैं।
पिछले लगभग 15 दिनों से उनके 89 वर्षीय पिताजी रांची के सेवा सदन अस्पताल में ब्रेन हेमरेज के कारण गंभीर हालत में भर्ती हैं। एक बेटी के रूप में वे दिन-रात उनके साथ रहकर सेवा, देखभाल और मानसिक संबल प्रदान कर रही हैं।
लेकिन उल्लेखनीय यह है कि इस गहरी पारिवारिक आपदा के बीच भी उन्होंने अपने जनप्रतिनिधित्व धर्म को एक पल के लिए कमजोर नहीं पड़ने दिया।
निजी संकट के बीच भी निरंतर जनसेवा
जहाँ अक्सर ऐसे समय में लोग निजी जीवन में सिमट जाते हैं, वहीं अनीता देवी लगातार बालूमाथ-लातेहार के लोगों के साथ खड़ी हैं।
डॉक्टरों की नियुक्ति,
बालूमाथ सीएचसी की व्यवस्थाएँ,
निर्माणाधीन भवनों की मॉनिटरिंग,
और बालूमाथ डिग्री कॉलेज की स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण जनहित मुद्दों पर उन्होंने निरंतर पहल की है।
उच्च अधिकारियों से उनका संवाद लगातार जारी है और वे हर स्तर पर जन अपेक्षाओं की सशक्त आवाज बनी हुई हैं।
“यह केवल एक महिला का संघर्ष नहीं, यह नारी शक्ति की जीवंत परिभाषा है।”
एक बेटी की सेवा,
एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी,
और एक समाजसेविका की सजगता—
इन तीनों भूमिकाओं को जिस संतुलन, धैर्य और समर्पण के साथ अनीता देवी निभा रही हैं, वह उन्हें सही मायनों में “आयरन लेडी” बनाता है।
जनता की दुआएँ उनके साथ
लातेहार की जनता उनके इस अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता को सलाम करती है।
साथ ही उनके पूज्य पिताजी के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करती है।
“समर्पण और सेवा जब दिल से निकलती है, तब समाज को नई दिशा मिलती है।”