बरहरवा संवाददाता।शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर बरहरवा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में जारी अनिश्चितकालीन महाधरना शनिवार को 14वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के 14वें दिन राजमहल सांसद विजय हांसदा धरनास्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। सांसद के पहुंचने पर धरनास्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह देखा गया।
धरनास्थल में मीडिया को संबोधित करते हुए सांसद विजय हांसदा ने कहा कि वे इस मामले से पहले से अवगत हैं और यह मुद्दा क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पूर्व में कई बार पत्राचार कर इस समस्या के समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन अंचल स्तर पर मामला नहीं सुलझ पाने के कारण समुदाय के लोग पिछले दो सप्ताह से धरना देने को मजबूर हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मैं पूरी तरह से शेरशाहबादी समाज के साथ हूं। यह मामला गंभीर है और इसका समाधान होना जरूरी है। ग्राम सभा, जो सबसे बड़ी सभा होती है, उसके माध्यम से भी इस विषय का समाधान निकाला जा सकता है। इस संबंध में साहिबगंज उपायुक्त से बातचीत हुई है। आगामी मंगलवार को प्रभावित अंचलों के अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर मामले के समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।
सांसद ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि बैठक के बाद भी समाधान नहीं निकलता है, तो आगे जो भी आवश्यक होगा, वह किया जाएगा। इस मामले का समाधान होकर रहेगा, यह तय है।
धरनास्थल पर मौजूद आंदोलनकारियों ने सांसद के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि वर्ष 2012 तक शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता था, लेकिन बाद में अचानक इसे बंद कर दिया गया, जिससे हजारों छात्र-युवा शिक्षा, नौकरी और आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
धरना स्थल पर आज भी बड़ी संख्या में छात्र, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर मुखिया मो. इस्तियाक, मो. आजमाइल, तोफाइल शेख,
झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल गफूर, नगर अध्यक्ष धर्मवीर महतो, नूरुल हुसैन, शाहबाज आलम, प्रदीप साहा, शकील अहमद, अब्दुर रहमान, मसूद आलम, वसीम अख्तर, महफूज आलम, सलमान ताहिर, नदीम अख्तर, आमिर हमजा, वसीम अकरम, तैय्यब शेख, मुस्तकीम शेख, मोसब्बर आलम, परवेज आलम सहित समाज के कई गणमान्य लोग, छात्र-युवा एवं सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे।