कोटालपोखर/साहेबगंज।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) साहेबगंज जिला कमिटी की ओर से मंगलवार को श्रीकुंड हाई स्कूल मैदान में पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड मोहम्मद इकबाल (इकबाल दा) की स्मृति में शोकसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी की पोलिट ब्यूरो सदस्य और पूर्व राज्यसभा सांसद बृंदा करात, पूर्व सांसद एवं पोलिट ब्यूरो सदस्य डॉ. रामचंद्र डोम तथा पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत कामरेड इकबाल दा की तस्वीर पर माल्यार्पण और एक मिनट मौन रखकर की गई। इसके बाद शोकसभा में उपस्थित सभी साथियों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर अपने प्रिय नेता को नमन किया।
शोकसभा को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सदस्य बृंदा करात ने कहा कि कामरेड मोहम्मद इकबाल एक जुझारू, कर्मठ और जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय नेता थे। वे संताल परगना ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में ‘मास्टर साहब’ के नाम से विख्यात थे। उन्होंने कहा कि इकबाल दा के योगदान और संघर्ष की स्मृति को सहेजने के लिए उनकी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।
अपने सरल स्वभाव और संघर्षशील व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले कामरेड मोहम्मद इकबाल ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत मेहनतकशों के संगठनकर्ता के रूप में की थी। बाद में वे संताल परगना के प्रमुख ट्रेड यूनियन नेताओं में शामिल हुए। उन्होंने परिवहन मजदूर, बीड़ी मजदूर, मैरी गोल्ड रेलवे परियोजना के ठेका श्रमिक सहित विभिन्न मजदूर संगठनों को सीटू (CITU) के बैनर तले संगठित करने में अहम भूमिका निभाई।
साल 1979 में वे संताल परगना में पार्टी के वरिष्ठ नेता अजीत विश्वास के संपर्क में आए और सीपीएम से जुड़े। वे दो बार पाकुड़ विधानसभा से पार्टी के उम्मीदवार भी रहे। वर्तमान में वे राज्य सचिवमंडल सदस्य, सीटू के राज्य उपाध्यक्ष और लगभग एक दशक तक साहेबगंज जिला कमिटी के सचिव के रूप में सक्रिय रहे।
कामरेड इकबाल दा के नेतृत्व में साहेबगंज दियारा के अनसर्वे जमीन, खासमहल, किसानों की समस्याएँ, तथा वनांचल एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के गुमानी स्टेशन पर ठहराव जैसी जनहित मुद्दों पर लगातार आंदोलन किए गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के संचालन में भी उन्होंने सदैव अग्रणी भूमिका निभाई।
साहेबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड के दलालपुर गांव में स्थित उनका पैतृक घर सामाजिक शिक्षा और जागरूकता का केंद्र रहा, जहाँ उन्होंने वर्षों तक गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा भी दी।
74 वर्षीय कामरेड इकबाल दा पिछले कई महीनों से अस्वस्थ थे। कोलकाता और बर्दवान में इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन को पार्टी और मजदूर आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
शोकसभा में संताल परगना के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, मजदूर संगठन के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहेबगंज जिला सचिव असगर आलम ने की और संचालन मो. इश्तियाक ने किया।
मौके पर श्याम सुंदर पोद्दार, गंगाधर यादव, मो. सफीक, मो. सरीफुल शेख सहित कई संगठनों के लोग मौजूद थे।