बरहरवा संवाददाता।: शनिवार को
बरहरवा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन महाधरना शनिवार को 13वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के 13वें दिन बड़ी संख्या में छात्राओं की भागीदारी ने धरनास्थल का माहौल बदल दिया। छात्राओं ने खुलकर अपनी समस्याएं और भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की।
धरनास्थल पर छात्राओं ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में कई छात्राएं उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज की बेटियों को अपने अधिकार के लिए सड़क पर उतरना पड़े,
इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है। कई छात्राओं ने कहा कि उनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आरक्षण का लाभ नहीं मिलने से उनके सपने अधूरे रह जा रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की।
धरनास्थल पर आंदोलनकारियों ने हमें हमारा अधिकार दो, शिक्षा और रोजगार से वंचित करना बंद करो, शेरशाहबादी समाज को न्याय दो, अंचल प्रशासन हाय हाय, जिला प्रशासन हाय हाय जैसे नारे लिखे तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महमूद आलम ने कहा कि यह लड़ाई अब नई पीढ़ी की आवाज बन चुकी है। लगातार 13 दिनों से लोग बारिश, गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बीच डटे हुए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट समाधान सामने नहीं आया है। इसके बावजूद आंदोलन का दायरा बढ़ता जा रहा है और हर दिन नए लोग इससे जुड़ रहे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक शेरशाहबादी समाज को उसका अधिकार नहीं मिल जाता।
धरनास्थल पर उप प्रमुख अब्दुल कादिर, मुखिया रामजान अली, हनीफ इकबाल, सरीफुल इस्लाम, शैखूल इस्लाम, वसीम अकरम, मसूद आलम, सहिद आलम, मोफक्कर आलम सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं समाज के कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।