तेनुघाट — तेनुघाट, घरवाटांड, सराहचिया, चापी, उलगड्डा एवं आसपास के क्षेत्रों में सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत पूरे श्रद्धा, आस्था और विधि-विधान के साथ मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
सुबह से ही महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक परिधान में सजी-धजी महिलाएं विभिन्न स्थानों पर स्थित वट वृक्ष के पास एकत्रित हुईं और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने जल, फूल, फल एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हुए वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा धागा (सूत्र) बांधा।
इस दौरान वट पुजारी बलदेव मिश्रा एवं राजीव कुमार पांडेय द्वारा श्रद्धापूर्वक सावित्री व्रत कथा का वाचन किया गया। कथा में माता सावित्री द्वारा अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाने की प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया गया, जिससे महिलाओं ने दांपत्य जीवन में प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास का संदेश ग्रहण किया।
पूजा के उपरांत महिलाओं ने पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर अपने-अपने परिवार की सुख-शांति और पति की दीर्घायु की कामना की। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से पूजा का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।