पाकुड़िया — प्रखंड क्षेत्र के खजुरडंगल पंचायत भवन में लोक कल्याण सेवा केंद्र, देवीनगर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘अबूआ साथी’ प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को सफल समापन हुआ। 9 मई 2026 को संपन्न इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना तथा स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीण सहयोगियों को सरकारी योजनाओं, पंचायत व्यवस्था और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
प्रशिक्षण की शुरुआत प्रार्थना गीतों के साथ हुई, जिसके बाद प्रतिभागियों ने पूर्व सत्रों के अनुभव साझा किए और ग्राम सभा से जुड़े कार्यों पर चर्चा की। पहले दिन प्रतिभागियों को केस स्टडी के माध्यम से तीन समूहों में विभाजित कर ग्राम सभा की कार्यप्रणाली को व्यवहारिक रूप से समझाया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), पंचायत निगरानी प्रक्रिया तथा ‘मेरी पंचायत ऑनलाइन पोर्टल’ की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ‘पेसा गाड़ी’ के जरिए पेसा कानून और आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका पर विशेष जानकारी साझा की गई।
दूसरे दिन जल संकट और ‘जल जीवन मिशन’ पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को जेजेएम पोर्टल के उपयोग, निगरानी संकेतकों की पहचान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई गई। इसके अलावा ‘जवाबदेही अभियान’ के तहत पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से जय वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने जल जीवन मिशन की बारीकियों, पंचायतों की जिम्मेदारियों और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी दी तथा ‘अबूआ साथियों’ की भूमिका को ग्राम सभा सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में परियोजना समन्वयक सोहेल, पंचायत समन्वयक अनवर और आशीष के साथ-साथ फील्ड कर्मी सुनीत टूटू, गिनी हांसदा, मार्शिला मुर्मू और ओलेंडों की अहम भूमिका रही।
इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 14 ‘अबूआ साथी’ और 3 सहयोगियों ने भाग लिया, जो अब अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को मजबूत करने और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगे।