मौलिक अधिकारों से वंचित हो रहे हैं श्रमिक: अजय कुमार सिंह
कथारा: कोयला उद्योग में कार्यरत श्रमिक प्राकृतिक प्रतिकूल परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य करते हैं, लेकिन जब उन्हें उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो जाती है। कथारा क्षेत्र में आज भी श्रमिक शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे हैं।
आरसीएमयू (राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन) के अनुसार, पूरे सीसीएल में कथारा क्षेत्र सबसे अधिक श्रमिकों वाला क्षेत्र है, इसके बावजूद यहां की मूलभूत सुविधाएं लगातार उपेक्षित हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। चिकित्सा व्यवस्था इस कदर कमजोर हो गई है कि अस्पताल और तीन डिस्पेंसरी मात्र चार डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। कई डॉक्टर सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि कुछ ने इस्तीफा देकर अन्य स्थानों का रुख कर लिया है। ऐसे में आकस्मिक चिकित्सा सुविधा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन गंभीर समस्याओं को लेकर यूनियन का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही सीसीएल के सीएमडी एवं निदेशक (मानव संसाधन) से मुलाकात कर समाधान की मांग करेगा।
इस संबंध में आरसीएमयू के क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उचित मंच पर इन मुद्दों को मजबूती से उठाकर समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इन समस्याओं को यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष एवं बेरमो विधायक के समक्ष रखकर शीघ्र समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।