तेनुघाट — बच्चों के सर्वाँगीण विकास में पठन-पाठन के साथ-साथ खेल-कूद एवं पाठ्य सहगामी क्रियाओं का भी अहम योगदान होता हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल में शनिवार 2 मई को येलो डे (पीला दिवस) के रूप में मनाया गया।
विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका एवं सीसीए प्रमुख लक्ष्मी कुमारी गुप्ता, मो. असगर अली के निर्देशन में अंजू कुमारी एवं आशा कुमारी, निकिता सिन्हा ने बच्चों को आज पीले रंग के वस्त्र पहनकर आने तथा नास्ता, फल सब पीले रंग के लाने के जो निर्देश दिए उसी अनुरूप कक्षा एल के जी से कक्षा दूसरी तक के बच्चे पीले परिधान में सज-सँवरकर आज के इस येलो डे में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सुन्दर एवं आकर्षक बना दिए। जिससे बच्चों का पीले रंग से लगाव और जुड़ाव भी दिखाई दिया।
इस अवसर पर बच्चों के बीच प्राचार्या स्तुति सिन्हा ने पीले रंग की उपयोगिता के बारें में बताते हुए कहा कि सनातन धर्म में पीले रंग का बड़ा महत्व है। इसका संबंध देव गुरु वृहस्पति से है। पीला रंग जीवन में ऊर्जा, सभ्यता, संस्कार, समृद्धि एवं मंगल का सूचक है और हमारे जीवन में यह रंग बड़ा ही उपयोगी है।
कार्यक्रम की इसी कड़ी में शिक्षक प्रभात कुमार के निर्देशन में आर्य समाज के नियमों से जुड़ी विभिन्न सदनों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देते हुए आर्य समाज के सिद्धांतों और उनकी उपयोगिता को बताते हुए तृषिका सिंह, आर्यन राज एवं इनाया फजीलत क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किए।