रिपोर्ट: प्रेम कुमार साहू, घाघरा (गुमला)
गुमला। जिले के घाघरा प्रखंड अंतर्गत खंभा गांव में इन दिनों गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। गांव में लगाए गए चार सोलर जलमीनारों में से तीन लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, दो सोलर जलमीनार पिछले लगभग छह महीनों से बंद पड़े हैं, जबकि एक जलमीनार वर्षों से खराब है। वर्तमान में केवल एक जलमीनार ही किसी तरह चालू है, जो पूरे गांव की जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह असमर्थ है। परिणामस्वरूप सैकड़ों ग्रामीणों को एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर कुआं और दाढ़ी (स्थानीय जलस्रोत) से पानी लाना पड़ रहा है।
इस समस्या का सबसे अधिक असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। पानी लाने में घंटों समय लगने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं महिलाओं के दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि छोटे-छोटे बच्चे भी जान जोखिम में डालकर दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं।
ग्रामीण करीमन उरांव ने बताया कि “चार सोलर जलमीनारों में से तीन खराब पड़े हैं, जिससे गांव के लोगों को काफी परेशानी हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। अंततः ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वे उपायुक्त, गुमला को लिखित आवेदन सौंपकर खराब पड़े सोलर जलमीनारों की जल्द मरम्मत कराने की मांग करेंगे, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
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