सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जा करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, सभी वार्डों की परिसंपत्तियों की हुई समीक्षा
रांची:रांची नगर निगम में शनिवार को प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शहर के सार्वजनिक स्थलों, दीवारों और निगम की संपत्तियों पर अवैध विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, क्योंकि इससे शहर की छवि खराब हो रही है।
प्रशासक ने कहा कि ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने की जरूरत है और उन पर जुर्माना भी लगाया जाए। इसके अलावा निगम की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने या उन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक के दौरान निगम क्षेत्र के सभी 53 वार्डों में स्थित नगर निगम की परिसंपत्तियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इसमें निगम की भूमि, सामुदायिक भवन, कम्युनिटी हॉल, अटल क्लीनिक, वेंडर मार्केट, आश्रय गृह, पार्क, तालाब, एचवाईडीटी और मिनी एचवाईडीटी, सार्वजनिक शौचालय, बस टर्मिनल तथा एमआरएफ जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रेजेंटेशन के माध्यम से इन परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति, उपयोगिता और उनसे जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी गई।
प्रशासक सुशांत गौरव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी वार्डों में निगम की खाली या सरकारी भूमि की जांच, मापी और सीमांकन सुनिश्चित किया जाए। ऐसी जमीनों को भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सुरक्षित रखते हुए उन्हें जनोपयोगी बनाया जाए। साथ ही अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया तेज करने को कहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन सरकारी भवनों या सामुदायिक हॉल पर निजी स्वार्थ के तहत कब्जा किया गया है, उसकी सघन जांच की जाए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक भवनों की ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली शुरू करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आम लोगों को इन सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
बैठक में सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक भवनों और वार्ड कार्यालयों की मरम्मत कराने के साथ वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया गया। इसके अलावा भवनों पर आकर्षक पेंटिंग कराने को कहा गया, जिससे उनकी सुंदरता बढ़े और स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत विजिबल क्लीनलीनेस के मानकों को भी सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासक ने सभी वार्डों में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने तथा नए वार्ड पार्षदों के लिए वार्ड कार्यालय भवनों को सुव्यवस्थित बनाने का भी निर्देश दिया।