हजारीबाग। झारखंड प्रजापति (कुम्हार) महासंघ, जिला हजारीबाग के तत्वावधान में रविवार को कुम्हार समाज के अधिकार और हक के लिए कुम्हार अधिकार महारैली का आयोजन किया गया। इस महारैली में बड़ी संख्या में कुम्हार समाज के लोग शामिल हुए और राजनीतिक उपेक्षा के खिलाफ एकजुटता का परिचय दिया।
महारैली की अध्यक्षता झारखंड प्रजापति (कुम्हार) महासंघ के हजारीबाग जिला अध्यक्ष श्
नरेंद्र प्रजापति (पप्पू) ने की, जबकि संचालन सुखदेव प्रजापति एवं वीरेंद्र प्रजापति ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड प्रजापति (कुम्हार) महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण प्रजापति रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बेरमो के पूर्व विधायक योगेश्वर महतो (बाटुल), झारखंड माटी कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति, पूर्व सदस्य सह प्रदेश महामंत्री ईश्वर चंद्र प्रजापति सहित कई प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। अध्यक्षीय भाषण में जिला अध्यक्ष श्री नरेंद्र प्रजापति ने कहा कि कुम्हार समाज को लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक उपेक्षा का सामना करना पड़ा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज को उसकी आबादी के अनुसार राजनीतिक भागीदारी मिलनी ही चाहिए।
महारैली में प्रमुख मांगों में कुम्हार समाज को राजनीतिक एवं सामाजिक भागीदारी में शामिल करना, झारखंड माटी कला बोर्ड का पुनर्गठन करना तथा नीति निर्माण में कुम्हार समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल रहा।
मुख्य अतिथि देवनारायण प्रजापति ने कहा कि झारखंड में कुम्हार समाज की आबादी लगभग 32 लाख है, जो राज्य की कुल जनसंख्या का करीब 8 प्रतिशत है। सभी जिलों एवं पंचायतों में कुम्हार समाज की मजबूत उपस्थिति के बावजूद उन्हें राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक लाभ से वंचित रखा गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी।
पूर्व विधायक योगेश्वर महतो (बाटुल) ने कहा कि झारखंड की 82 विधानसभा सीटों में प्रत्येक क्षेत्र में हजारों की संख्या में कुम्हार मतदाता हैं, फिर भी समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिल रही है। यदि समान भागीदारी नहीं दी गई तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम होंगे।
झारखंड माटी कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति ने कहा कि “जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी” के सिद्धांत को सभी राजनीतिक दलों को स्वीकार करना होगा। वहीं प्रदेश महामंत्री ईश्वर चंद्र प्रजापति ने कहा कि पिछले 78 वर्षों से कुम्हार समाज को उसके अधिकारों से वंचित रखा गया है, अब युवाओं और महिलाओं को आगे आकर निर्णायक संघर्ष करना होगा।
कार्यक्रम को प्रदेश संगठन मंत्री पप्पू पंडित, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय प्रजापति, प्रदेश प्रवक्ता विक्रम महतो, गिरिडीह, रामगढ़, कोडरमा, धनबाद, लोहरदगा सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
महारैली को सफल बनाने में हजारीबाग जिला एवं विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारियों और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर झारखंड लोक सेवा आयोग एवं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफल कुम्हार समाज के अभ्यर्थियों को सम्मानित भी किया गया।