तेनुघाट / बोकारो / प्रशांत सिन्हा,
तेनुघाट व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायालय के अनुसेवक अरविन्द कुमार सिंह के आकस्मिक निधन से पूरे न्यायिक महकमे में गहरा शोक व्याप्त है। उनके निधन पर 23 मई को न्यायालय परिसर में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिला जज के नेतृत्व में आयोजित हुई शोक सभा
शोक सभा का आयोजन जिला जज प्रथम फहीम किरमानी की अगुवाई में किया गया। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व थे अरविन्द सिंह
सभा को संबोधित करते हुए बेरमो अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति की सचिव सह एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने बताया कि अरविन्द कुमार सिंह एक बेहद मृदुभाषी, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। उनके व्यवहार से न्यायालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रसन्न रहते थे। उनके असामयिक निधन से न्यायिक परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है।
लंबी सेवा और समर्पण का रहा सफर
दिवंगत अरविन्द कुमार सिंह का जन्म 10 जून 1974 को गया जिला के ग्राम बूढ़ी में हुआ था। उन्होंने 10 जून 2002 को अनुसेवक के पद पर बोकारो व्यवहार न्यायालय में अपनी सेवा शुरू की थी। बाद में उनका स्थानांतरण तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में हुआ, जहां वे लगातार अपनी सेवाएं देते रहे।
परिवार में शोक की लहर
अरविन्द कुमार सिंह अपने पीछे पत्नी और दो विवाहित पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से न केवल न्यायालय परिवार, बल्कि उनके निजी जीवन में भी गहरा शोक छा गया है।
कई न्यायिक अधिकारी रहे उपस्थित
इस शोक सभा में कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रेमनाथ पांडेय, जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी, जिला जज तृतीय नीरज कुमार, एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति, मुंसिफ शिवराज मिश्रा, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला और राजकुमार पांडेय सहित अनेक अधिवक्ता एवं न्यायिक कर्मी मौजूद रहे।