पाकुड़ संवाददाता — बच्चों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने सदर प्रखंड अंतर्गत बलियाडांगा आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे गर्म एवं ताजा पोषाहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। उन्होंने कहा कि बच्चों के समुचित शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन बेहद जरूरी है। सेविका एवं सहायिका को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने और स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने बच्चों की व्यक्तिगत साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों में स्वच्छता, अनुशासन और अच्छे संस्कार विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस दौरान केंद्र परिसर में विकसित ‘पोषण वाटिका’ का भी निरीक्षण किया गया और उसे और अधिक व्यवस्थित व उपयोगी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों के भोजन में ताजी हरी सब्जियों का समावेश हो सके।
उन्होंने केंद्र में बच्चों की उपस्थिति को संतोषजनक बताते हुए बच्चों के साथ संवाद किया, उन्हें पढ़ाया और कविताएं सुनकर उनकी प्रतिभा की सराहना की। बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने पूरे केंद्र का माहौल सकारात्मक बना दिया।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न पंजियों और सरकारी अभिलेखों की भी गहन जांच की गई। उन्होंने सभी रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन और सुव्यवस्थित रखने का निर्देश दिया।
बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के पोषण, शिक्षा और समग्र विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं और इन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।