घागरा प्रखंड के बड़काडीह बाजारटाढ़ में आयोजित जेठ जतरा कार्यक्रम सांस्कृतिक उत्साह और पारंपरिक रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ सीआरपीएफ के डीआईजी रविंद्र भगत,समिति के अध्यक्ष कपिल उरांव,सचिव राजेंद्र उरांव,रांची से समाज सेवी जोगेंद्र उरांव,और अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर क्षेत्र के दर्जनों खोड़हा दल आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और आकर्षक लोकनृत्य एवं पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन मे संस्कृति और परंपरा की झलक साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीआरपीएफ डीआईजी रविंद्र भगत ने कहा कि अपनी संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को सहेज कर रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों द्वारा दी गई सांस्कृतिक धरोहर हमारी पहचान है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपनी भाषा, लोककला और रीति-रिवाजों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना बेहद जरूरी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देते हैं। वही समिति के अध्यक्ष कपिल उरांव ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जेठ जतरा पर कार्यक्रम आयोजित किया गया है। आप सभी अनुशासन में रहकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। वह समाजसेवी जोगेंद्र उरांव ने संस्कृति सभ्यता और परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वही मेला कार्यक्रम के उपरांत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया इसमें कलाकारों द्वारा गीत और नृत्य प्रस्तुत किए गए।मौके पर हजारों लोग उपस्थित थे।