बरहरवा / साहिबगंज :
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में क्रमबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। “मनरेगा बचाओ संग्राम” नामक इस राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के तहत आज देश के प्रत्येक जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर केंद्र सरकार की मंशा को उजागर किया गया।
इसी क्रम में शनिवार को साहिबगंज जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान ने प्रेस वार्ता कर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला।
बरकतुल्लाह खान ने कहा कि मनरेगा देश की आत्मा है। यूपीए सरकार के कार्यकाल में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गरीबों को काम का अधिकार देने के उद्देश्य से इस योजना को लागू किया था। बीते 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण भारत में रोजगार, पलायन रोकने और आर्थिक मजबूती लाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने का निर्णय गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
आंदोलन की रूपरेखा:
जिला अध्यक्ष ने आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि—
- 11 जनवरी 2026 को गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध
- 12 से 29 जनवरी 2026 तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान
- 30 जनवरी 2026 को वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना
- 31 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक जिला स्तरीय “मनरेगा बचाओ” धरना
- 7 से 15 फरवरी 2026 तक राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव
- 16 से 25 फरवरी 2026 तक क्षेत्रीय एआईसीसी रैलियां
बरकतुल्लाह खान ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बदलाव के खिलाफ बूथ स्तर से लेकर जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक संघर्ष करेगी और केंद्र सरकार की इस मंशा को कभी सफल नहीं होने देगी।
प्रेस वार्ता में मो. कलीमुद्दीन, बासुकीनाथ यादव, सरफराज आलम, नित्यानंद गुप्ता, सतीश पासवान, मो. रिजवान, अली कुरैशी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।