कोटालपोखर। क्षेत्र में ठंड बढ़ने के साथ ही जहां आम लोग मौसमी बीमारियों से परेशान हैं, वहीं झोलाछाप चिकित्सक इन दिनों चांदी काट रहे हैं। कोटालपोखर, पथरिया, आगलोई, मयूरकोला, कांकजोल, पलासबोना सहित दर्जनों गांवों में बिना ड्रग्स लाइसेंस के झोलाछाप चिकित्सक बेखौफ होकर दवा दुकान खोलकर मरीजों का इलाज करते देखे जा रहे हैं।
ये कथित चिकित्सक शुगर, बीपी, टाइफाइड, खांसी सहित अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज करने से भी नहीं हिचकते। ड्रग्स विभाग के पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण कोटालपोखर और गुमानी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सैकड़ों झोलाछाप चिकित्सक सक्रिय हैं। स्थिति यह है कि लगभग हर गांव में दो-तीन ऐसे कथित चिकित्सक मौजूद हैं।
चिकित्सकों की कमी के कारण गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोग मजबूरी में इन्हीं झोलाछाप चिकित्सकों के पास इलाज कराने को विवश हैं, जबकि सक्षम लोग बेहतर इलाज के लिए मालदा, रामपुरहाट और बर्दवान जैसे शहरों का रुख कर रहे हैं।
इलाज करा रहे मरीज शंकर राय ने बताया कि वह करीब 15 दिनों से गांव के एक झोलाछाप चिकित्सक से इलाज करवा रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। जब उन्होंने डॉक्टर से स्थिति स्पष्ट करने को कहा, तो चिकित्सक ने बाहर इलाज कराने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले लगातार दवा देकर ठीक होने का भरोसा दिलाया गया और पैसे वसूले गए, लेकिन बाद में ब्लड जांच और अन्य बहानों से बाहर रेफर कर दिया गया। यदि पहले ही सही सलाह दी जाती, तो वे मालदा जाकर इलाज करवा लेते।
इस संबंध में सिविल सर्जन, साहेबगंज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।