मंडरो:मिर्जाचौकी स्थित महर्षि मेहीं आश्रम में गुरुवार को भव्य सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग के दौरान प्रवचन करते हुए स्वामी अरुणानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि कलियुग में अनेक प्रकार के धर्म-कर्म करने मात्र से परमात्मा की प्राप्ति संभव नहीं है, बल्कि श्रीराम के नाम का तन, मन और वचन से प्रतिदिन स्मरण व साधना करने से ही भवसागर को पार किया जा सकता है।
स्वामी अरुणानंद महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि चौरासी लाख योनियों में भ्रमण के बाद ही परमात्मा की कृपा से मनुष्य देह की प्राप्ति होती है। गुरु और गोविंद को आधार मानकर ही सच्चे ज्ञान की प्राप्ति संभव है। जब ज्ञान ध्यान में परिवर्तित होकर जीवन में परिलक्षित होता है, तब साधना के माध्यम से मोक्ष की प्राप्ति होती है, जिससे मनुष्य जीवन और मरण के बंधन से मुक्त होकर आत्मा को परमात्मा से मिला देता है।
इस अवसर पर पांच दिवसीय सत्संग समागम का विधिवत समापन किया गया। कार्यक्रम में स्वामी शिवजी महाराज, संत शिवजतन जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिनमें चंद्रदेव महतो, अमरेन्द्र जयसवाल, विमला देवी, अंजना चौधरी, रेवती देवी, मालवी देवी, शिवकुमार, अरविंद साह सहित अन्य शामिल थे।