महुआडांड़:- झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात लोध वॉटरफॉल की खूबसूरती बरसात के दिनों में और भी अधिक बढ़ जाती है। इसके जल स्तर के साथ झरनों की संख्या भी बढ़ जाती है। जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। लेकिन प्राकृतिक का यह दिलकश नजारा कब खतरे में तब्दील हो जाए यह कहा नहीं जा सकता। ऐसा ही नजारा रविवार शाम 4:30 बजे की है। जब बालूमाथ से आए दो युवक प्राकृतिक नजारों के आकर्षण में आकर झरने के नजदीक तक पहुंच गए। इस दौरान सुरक्षा में लगे कर्मियों ने दोनों युवकों को आगे जाने से रोका।
लेकिन सुरक्षा कर्मियों की बात को अनसुना करते हुए दोनों आगे बढ़ गए। जिसके बाद अचानक बाढ़ आने की वजह से दोनों युवक झरने के नीचे तेज गति के पानी के बहाव के बीच फस गए, और बचने के लिए दोनों बड़े पत्थर के टीले पर चढ़ गए। लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी पानी का बहाव कम नहीं हुआ। जब इसकी जानकारी झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कर्मियों को मिली तो फौरन ही जेटीडीसी के कर्मी मनोज मिंज, दिलीप तिर्की, एडवर्ड तिर्की, अशोक तिर्की मौके पर पहुंचे।