कोटालपोखर।केलवा के पात पर उगेलन सुरुज देव…, हे छठी मईया दर्शन दीहीं ना आपन…, उगीहें सुरुज गोसइयां हो… जैसे मधुर छठ गीतों से पूरा कोटालपोखर और आसपास का इलाका भक्तिमय हो उठा है। गांव की गलियों और घाटों पर गूंजते छठ गीतों ने माहौल को पूर्ण रूप से आस्था और श्रद्धा से सराबोर कर दिया है। स्थानीय बाजारों में छठ पूजन सामग्रियों की खूब खरीदारी हो रही है। सूप, दउरा, नारियल, आम की लकड़ी, मिट्टी के चूल्हे, घी, फल आदि वस्तुओं की खरीद के लिए महिलाओं की भीड़ देखी जा…