कोटालपोखर संवाददाता। व्यापार शुरू करने के नाम पर पांच लाख रुपये लेने और पैसे वापस मांगने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कोटालपोखर थाना में तीन भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राथमिकी के अनुसार, राजमहल थाना क्षेत्र के लखन राजवंशी से जीवनपुर निवासी नवजीत साहा उर्फ माना ने व्यापार शुरू करने के नाम पर पांच लाख रुपये उधार लिए थे। व्यापार शुरू नहीं होने और बार-बार टालमटोल करने पर लखन ने अपने रुपये वापस मांगे।
रविवार को लखन राजवंशी रुपये मांगने नवजीत साहा के घर पहुंचे, लेकिन वह घर पर मौजूद नहीं था। वहां उसके भाई नीताई साहा और सत्यजीत साहा मौजूद थे। लखन ने दोनों से नवजीत द्वारा लिए गए रुपये वापस दिलाने की बात कही। आरोप है कि इस दौरान दोनों भाइयों ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। वहीं, फोन पर नवजीत साहा उर्फ माना ने कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी और पूर्व में दर्ज कराई गई प्राथमिकी वापस लेने के लिए भी धमकाया।
मामले को लेकर लखन राजवंशी ने कोटालपोखर थाना में लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 60/26 के तहत नवजीत साहा उर्फ माना, नीताई साहा और सत्यजीत साहा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी एसीबी अधिकारी बनकर धमकाने का भी लगा था आरोप
जानकारी के अनुसार, नवजीत साहा उर्फ माना के खिलाफ पूर्व में भी फर्जी एसीबी अधिकारी बनकर धमकाने का मामला दर्ज हो चुका है। 28 जनवरी 2025 को आरोप लगाया गया था कि नवजीत साहा ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर बड़ा सोनकर पंचायत की पंचायत समिति सदस्य रूकैया बीवी के पति शकील जमाल अंसारी उर्फ मिस्टर को फोन कर खुद को एसीबी अधिकारी बताया था।
आरोप था कि आवास योजना में गड़बड़ी से संबंधित वीडियो फुटेज होने की बात कहकर मामले को मैनेज करने तथा ऐसा नहीं करने पर गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी गई थी। इस बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद शकील जमाल अंसारी उर्फ मिस्टर की शिकायत पर कोटालपोखर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उक्त मामले में नवजीत साहा उर्फ माना के जेल जाने की भी बात सामने आई थी।