लातेहार प्रखंड सभागार में आयोजित जनता दरबार उस समय सख्त तेवरों का गवाह बना, जब क्षेत्रीय विधायक प्रकाश राम ने आम जनता की समस्याओं को लेकर लापरवाह अधिकारियों पर जमकर बरसते हुए उन्हें कड़ी चेतावनी दी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में आयोजित जनता दरबार में भ्रष्टाचार, जमीन विवाद, मनरेगा, बिजली, पीएचईडी, बैंक ऋण सहित कई गंभीर मामलों की परतें खुलीं।
पूर्व में दिए गए आवेदनों की समीक्षा के दौरान जब कई मामलों में समाधान नहीं होने की बात सामने आई, तो विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। अधिकारियों द्वारा टालमटोल और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाने पर विधायक प्रकाश राम ने जनता के सामने ही अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई और साफ कहा कि अब बहानेबाजी नहीं चलेगी।
विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता के आवेदन किसी फाइल में दबाने के लिए नहीं होते। यदि किसी अधिकारी ने आम जनता को परेशान किया, रिश्वत ली या जानबूझकर काम लटकाया, तो जनप्रतिनिधि होने के नाते वे उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का मंच है।
जनता दरबार में कई मामलों में कर्मचारियों, जमीन, बिजली और पीएचईडी विभाग से जुड़े प्रश्नों पर संबंधित अधिकारियों की बोलती बंद नजर आई। विधायक के सख्त रुख के बाद अधिकारियों को जनता के सामने ही समाधान का समय तय करना पड़ा। विधायक ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि हर आवेदन पर तय समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज तिवारी, अंचल अधिकारी नंद कुमार राम सहित प्रखंड के लगभग सभी विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार, अनिल कुमार सिंह, विशाल कुमार साहू, गौरव दास, सुजीत कुमार, मुखिया सुनीता उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।