बरहड़वा, । आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर सोमवार को संघ के बैनर तले भव्य पथ संचलन निकाला गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अरबी पैलेस से हुई, जहाँ से सैकड़ों स्वयंसेवक गणवेश में अनुशासन के साथ नगर कार्यवाह अनुराग जी के नेतृत्व में जुलूस के रूप में आगे बढ़े। पथ संचलन का मार्ग अरबी पैलेस से निकलकर थाना रोड, नया बाजार, रेलवे फाटक, हाटपाड़ा, बंगाली पाड़ा, कईतल्ला, कहारपाड़ा, कुशवाहा टोला, गर्ल्स स्कूल रोड, बजरंगबली पथ, मेन रोड, स्टेशन चौक, सब्जी मंडी होते हुए सरस्वती शिशु विद्या मंदिर प्रांगण तक रहा।
पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विद्या मंदिर प्रांगण में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि संघ अपना शताब्दी वर्ष पूरे भारत में मना रहा है। डॉ. हेडगेवार ने 9 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन कुछ स्वयंसेवकों के साथ इसकी स्थापना की थी। उनका उद्देश्य भारत को पुनः विश्वगुरु बनाना था।
विदेशी आक्रमणों और लूट से टूटा भारत तभी सशक्त हो सकता था जब उसका हर युवक राष्ट्र की सेवा के लिए स्वयंसेवक बने। वक्ताओं ने कहा कि संघ आज विश्व का सबसे बड़ा संगठन है, जो राष्ट्र की संस्कृति और एकता को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। मौके पर साहिबगंज-पाकुड़ विभाग के अजय , प्रांत कार्यवाह संजय, प्रदेश विभाग कार्यवाह मृत्युंजय, विभाग संघ चालक राजकुमार, नगर कार्यवाह अनुराग, सह खंड कार्यवाह लालचंद नारायण, पूर्व प्रचारक अरविंद कुमार, महाविद्यालय विद्यार्थी प्रमुख मिथुन सहित सैकड़ों स्वयंसेवक मौजूद रहे।