पतना में 14 आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय रोका, पोषाहार वितरण में मिली शून्य प्रगति
अक्टूबर के एफआरएस आंकड़ों में खुली लापरवाही की पोल, दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का अल्टीमेटम; संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी आगे की कार्रवाई

रिपोर्ट:निशांत कुमार सानू,
पतना:-आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषाहार योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही अब भारी पड़ने लगी है। टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण में शून्य प्रगति सामने आने पर पतना प्रखंड की 14 आंगनबाड़ी सेविकाओं पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अक्टूबर माह के एफआरएस आंकड़ों में संबंधित केंद्रों पर टीएचआर वितरण शून्य पाए जाने के बाद सभी सेविकाओं का मानदेय अगले आदेश तक रोक दिया गया है। इसके साथ ही दो दिनों के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से संबंधित सेविकाओं में खलबली मच गई है।

14 केंद्रों पर टीएचआर वितरण शून्य, सेविकाओं पर कार्रवाई
एफआरएस आंकड़ों में टीएचआर वितरण की प्रगति शून्य मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित सेविकाओं की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की है। कार्रवाई की जद में अम्बेरी केंद्र की मंगली मालतो, बंडामको की सीमा मालतो, चपाल पहाड़ की विमला सांवरिया, उरसा पहाड़ की मरियम मालतो, ढिबरी कोल की गांगी मालतो, चुटिया-1 की मरियम मुर्मू, चुटिया-2 की मुनी मुर्मू, घटियारी-2 की सुशीला मुर्मू, अमरभीटा की शांति मालतो, दलाही अमरपुर की आशा गोराई, खाण्डोबासा की सारा मालतो, पदनभीठा की नेहा मुर्मू, सरायबिंधा-1 की सुभद्रा देवी और तेतुलभीठा की सोनेनी मालतो शामिल हैं।
दो दिनों की मोहलत, जवाब नहीं तो होगी आगे की कार्रवाई
बीडीओ सह प्रभारी सीडीपीओ ने सभी संबंधित सेविकाओं को आदेश जारी कर दो दिनों के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। निर्धारित समयसीमा में स्पष्टीकरण नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मामले को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। प्रशासन के इस कदम से स्पष्ट है कि पोषाहार वितरण में लापरवाही को लेकर अब जवाबदेही से बचना आसान नहीं होगा।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने भी जताई नाराजगी
मामले को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने भी गंभीरता से लिया है। उनके स्तर से भेजे गए पत्र में संबंधित सेविकाओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराजगी जताई गई है। पत्र में कहा गया है कि अपने कार्यों और दायित्वों के प्रति अपेक्षित रुचि नहीं दिखाना वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और मनमाने रवैये को दर्शाता है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
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