मनरेगा योजनाओं में मची है खुली लूट: मौन साधे हुए हैं अधिकारी


योजनाओं में बिचौलियों की मदद से सरकारी राशि का बंदरबांट कर रहे हैं कर्मी
बोरियो/साहेबगंज
चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार उनके द्वारा संचालित तमाम योजनाएं आम जनता के कल्याण के लिए चलाई जाती है, लेकिन जब आम जनता के अधिकारों को कुछ बिचौलियों तथा भ्रष्ट कर्मियों की मदद से दबाने का कुत्सित प्रयास किया जाता है तो यह कहीं ना कहीं लोकतंत्र के लिए अति घातक साबित होता है। लोकतंत्र की अवधारणा के अनुसार जनता मालिक होती है तथा कर्मी एवं जनप्रतिनिधि उनके सेवक, लेकिन कुछ कमी तथा बिचौलिए अपने आप को स्वयं मलिक समझ बैठते हैं तथा आम जनता जो खुद मालिक होती है उनका शोषण करने से भी परहेज नहीं करती।कुछ ऐसा ही मामला बोरियो प्रखंड के जेटकेकुम्हार जोरी पंचायत के अंतर्गत रामपुर गांव का है जहाँ नवनिर्मित गढ़वाल का कार्य हुआ है लेकिन कार्य दो महीना भी नहीं बीता है और गढ़वाल फटने लगा हैl देखा जाए तो मनरेगा योजनाओं में बंदरबांट किया जा रहा है, और इस योजनाओं के जो अधिकारी है वह मौन साधे हुए हैंl राज्य सरकार के कहना है कि मनरेगा योजना में मजदूर को 100 दिन का काम मिलना चाहिए।अंचल अधिकारियों में इस तरह के योजनाओं में नजर आड़े हुए हैं, जहां बिचौलिया अपना पॉकेट गर्म कर योजनाओं में गड़बडी कर रहे हैं।चर्चा इस बात कि है कि नवनिर्मित गढ़वाल 2 महीना नहीं हुआ है और डसने और फटने का निशान होने लगा है, अब तो आला अधिकारी को इन योजनाओं पर जांच करना चाहिए और गढ़वाल का सही कार्य होना चाहिए।बालू का जगह गर्दी का उपयोग किया जा रहा है और ना ही किसी प्रकार का बोर्ड लगाया गया है,अब इससे क्या जानकारी होना चाहिए की योजना किसके नाम पर स्वीकृत है, और योजना कि राशि कितनी हैlएक तरफ से देखा जाए तो नियम का उल्लंघन किया जा रहा हैlइस विषय पर आला अधिकारीयों को जल्द से जल्द संज्ञान लेना चाहिए एवं उचित तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।
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