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नशे में वाहन चलाने वालों पर कसेगा शिकंजा,खदान-साइडिंग मार्ग पर बढ़ेगी निगरानी

तीन-चार प्रमुख स्थानों पर ब्रीथ एनालाइजर लगाने का प्रस्ताव, सुरक्षित ड्राइविंग और जीरो एक्सीडेंट पर जोर

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पाकुड़ संवाददाता।सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए अब नशे में वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है. खदान से साइडिंग तक चलने वाले वाहनों की निगरानी बढ़ायी जायेगी. इसके लिए रास्ते में तीन से चार प्रमुख स्थानों पर ब्रीथ एनालाइजर लगाने का प्रस्ताव सामने आया है. सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित परिवहन को लेकर शनिवार को डीबीएल के अमीरजोला कार्यालय परिसर स्थित वर्कशॉप में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में ट्रांसपोर्टरों और चालकों को इस दिशा में गंभीरता से काम करने का संदेश दिया गया.

दुर्घटनाओं पर रोक के लिए सुरक्षित ड्राइविंग पर जोर

सीएसआर के तहत आयोजित कार्यक्रम में सीएसआर मैनेजर उमेश कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को समय-समय पर सुरक्षित ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है. वाहनों में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया.

नशे में वाहन चलाने वालों पर कसेगा शिकंजा,खदान-साइडिंग मार्ग पर बढ़ेगी निगरानी

चालक ही नहीं, सड़क पर हर जिंदगी की जिम्मेदारी

एजीएम लायजन संजीव कुमार सिंह ने कहा कि वाहन चलाते समय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. चालक की छोटी सी लापरवाही सड़क पर दूसरे लोगों की जिंदगी को भी खतरे में डाल सकती है. इसलिए किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

नशे में वाहन चलाने वालों की होगी निगरानी

ट्रांसपोर्ट यूनियन अध्यक्ष संतोष रजक ने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है. सभी ट्रांसपोर्टर मिलकर वाहनों में सुरक्षा उपकरण बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे. साथ ही नशे में ड्राइविंग पर रोक के लिए खदान से साइडिंग के बीच तीन-चार प्रमुख स्थानों पर ब्रीथ एनालाइजर लगाने की बात कही गयी. इससे चालकों की जांच कर नशे में वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.

कोयला धूल से स्वास्थ्य को खतरे की दी जानकारी

कार्यक्रम में डॉ शमीम अख्तर और डॉ संगम मिश्रा ने कोयला धूल के संपर्क में रहने वाले चालकों एवं ट्रांसपोर्टरों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी. उन्होंने कोयला धूल से होने वाले संभावित स्वास्थ्य नुकसान, लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में बताया.

जीरो एक्सीडेंट की दिशा में सामूहिक संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया गया. संदेश साफ था कि सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन, नशामुक्त ड्राइविंग और सतर्क वाहन परिचालन से ही दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगायी जा सकती है.

कार्यक्रम में एचआर विभाग के रविंदर यादव व नृपेंद्र सिंह, ट्रांसपोर्ट यूनियन अध्यक्ष संतोष रजक सहित यूनियन के सदस्य, ट्रांसपोर्टर और चालक मौजूद थे.

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