साहिबगंज में ओबीसी के अलग कॉलम की मांग, कांग्रेस ने निकाला मार्च जातीय जनगणना में पिछड़े वर्गों की वास्तविक आबादी दर्ज करने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
साहिबगंज में ओबीसी के अलग कॉलम की मांग, कांग्रेस का प्रदर्शन

साहिबगंज संवाददाता। आगामी जातीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम निर्धारित करने की मांग को लेकर शनिवार को साहिबगंज में जिला कांग्रेस ओबीसी विभाग की ओर से मार्च निकालकर प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष अजय कुमार यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ओबीसी समाज की अलग पहचान दर्ज करने तथा उसकी वास्तविक जनसंख्या के आंकड़े जुटाने की मांग उठाई।
महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मार्च शुरू हुआ। इसमें कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और ओबीसी समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। मार्च के समापन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और आगामी जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग की।

सटीक आंकड़ों से ही प्रभावी नीतियां बनाना संभव : अनिल ओझा
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के सचिव अनिल कुमार ओझा ने कहा कि जातीय जनगणना से विभिन्न सामाजिक वर्गों की जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है। सटीक आंकड़ों के आधार पर पिछड़े वर्गों की वास्तविक जरूरतों का आकलन करने और उनके अनुरूप सरकारी योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय आंकड़ों से योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
ओबीसी की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए अलग कॉलम जरूरी : अजय यादव
जिला कांग्रेस ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अजय कुमार यादव ने कहा कि आगामी जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम का प्रावधान होना चाहिए, ताकि समाज की वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक स्थिति का सही आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, आर्थिक स्थिति और सामाजिक भागीदारी से जुड़े विषयों पर प्रभावी नीतियां बनाने के लिए विश्वसनीय आंकड़े आवश्यक हैं। अलग कॉलम की व्यवस्था से पिछड़े वर्गों के विकास के लिए ठोस योजनाएं तैयार करने में सहायता मिल सकती है।
सामाजिक न्याय और समान अवसर का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ओबीसी समाज के अधिकारों और हितों को ध्यान में रखते हुए जातीय जनगणना में उसकी अलग पहचान सुनिश्चित करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक स्थिति से जुड़े आंकड़े उपलब्ध होने पर विकास योजनाओं की जरूरतों का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मांग पर गंभीरता से विचार करने और आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की अपील की। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, समान अवसर और पिछड़े वर्गों के समुचित विकास पर जोर दिया गया।
ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
मार्च में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के सचिव अनिल कुमार ओझा, झारखंड कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश सचिव अश्वनी कुमार आनंद, जिला अध्यक्ष अजय कुमार यादव, संजय कुमार प्रसाद, दीपक यादव, शिवकुमार यादव, वीरेंद्र यादव, उमेश यादव, लालू यादव, देव कुमार यादव, मोहन सिंह, महेंद्र पासवान, मनोज ओझा, उपेंद्र यादव, पीयूष यादव, पप्पू यादव, जितेंद्र यादव, भारत यादव, राजा यादव, संजय यादव, संजय सिंह, मनीष यादव, मो. मुरसलिम, सुनील यादव, पिंटू यादव, मो. हबीब और पूनम किरण चौरसिया सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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