पाकुड़ | संवाददाता:
पाकुड़ जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में सियार के हमले से एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सियार को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया है। डीएफओ सौरभ चंद्रा के अनुसार, यह हमला किसी झुंड द्वारा नहीं बल्कि संभवतः एक ऐसे सियार द्वारा किया जा रहा है जो रेबीज (Rabies) से संक्रमित हो सकता है।
क्यूआरपी टीम गठित, गांवों का दौरा
ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने विशेष क्विक रिस्पांस प्रोटोकॉल (QRP) टीम का गठन किया है। टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का आकलन किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सियार का झुंड आमतौर पर बस्ती से दूर रहता है, लेकिन एक संदिग्ध सियार बार-बार हमले कर रहा है।
मुआवजा प्रक्रिया शुरू
वन विभाग ने पीड़ित परिवारों को राहत देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
- मृतक के परिजनों को अब तक ₹50,000 की सहायता दी गई है
- दो घायलों को ₹5,000-₹5,000 की सहायता प्रदान की गई है
प्रावधान के अनुसार:
- मृत्यु पर ₹4 लाख
- गंभीर घायल को ₹1 लाख
- सामान्य घायल को ₹15,000 दिए जाने का प्रावधान है
सत्यापन के बाद मिलेगा पूरा मुआवजा
डीएफओ ने बताया कि मृतक और घायलों का सत्यापन कराया जा रहा है। आवश्यक दस्तावेज मिलने के बाद पूर्ण मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सतर्क रहें। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जल्द ही सियार को पकड़ने का प्रयास जारी है।