पाकुड़ संवाददाता।आम जनता को सुलभ, त्वरित और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर प्रशासन और न्यायिक तंत्र ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों का निष्पादन किया जाएगा, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा और लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी।
इस बार लोक अदालत में विशेष रूप से बैंक से जुड़े मामलों के निपटारे पर जोर दिया जा रहा है। इसमें ऋण वसूली, लोन डिफॉल्ट, क्रेडिट कार्ड बकाया, चेक बाउंस जैसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की योजना बनाई गई है। संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में लाकर आपसी सहमति से निपटाएं।
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां मामलों का समाधान आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया जाता है। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होता है, जिससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि न्याय प्रक्रिया भी सरल और सहज बनती है। लोक अदालत में दिए गए निर्णय को विधिक मान्यता प्राप्त होती है और यह अंतिम होता है, जिसके खिलाफ सामान्यतः अपील नहीं की जा सकती।
आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों, बैंकों और न्यायालय कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी पक्षकारों को समय पर नोटिस भेजना सुनिश्चित करें। साथ ही लोगों को लोक अदालत के लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग लेकर अपने मामलों का समाधान करा सकें।
इसके अलावा, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, भूमि संबंधी छोटे विवाद, बिजली-पानी बिल बकाया, श्रम विवाद जैसे मामलों को भी लोक अदालत में शामिल किया जाएगा। इससे आम लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलेगी और विवादों का त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा।