बरहरवा।
राजमहल अनुमंडल अस्पताल सभागार में मंगलवार को सोसाइटी ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑरिएंटेड ऑप्टेशजल लिंक के द्वारा जीरो डोज इंप्लीमेंटेशन को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व सीओ सह प्रभारी बीडीओ मो. युसूफ ने किया।
कार्यशाला में विभिन्न धर्मों के धर्म गुरु, प्रभावशाली व्यक्तियों, तथा बुद्धिजीवी वर्ग की सहभागिता रही।
क्या है जीरो डोज इंप्लीमेंटेशन?
स्कूल संस्था के जिला कोऑर्डिनेटर रंजीत कुमार ने बताया कि जीरो डोज इंप्लीमेंटेशन का उद्देश्य उन बच्चों तक पहुंचना है,
जिन्हें अब तक एक भी टीका नहीं मिला है।
भारत सरकार ने 2024 में इन बच्चों के लिए विशेष “शून्य-खुराक कार्यान्वयन योजना” शुरू की है, जिसका लक्ष्य है:
- छूटे हुए समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना
- दुर्गम व कमजोर इलाकों में ऐसे बच्चों की पहचान करना
- उन्हें आवश्यक जीवन रक्षक टीके उपलब्ध कराना
- टीकाकरण लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति सुनिश्चित करना
रंजीत कुमार ने कहा कि यह अभियान उन बच्चों को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जो अब तक स्वास्थ्य सेवाओं से दूर रहे हैं।
धर्म गुरुओं से सहयोग की अपील
कार्यशाला में राजमहल शहर एवं विभिन्न प्रखंडों के सभी धर्मों के धर्मगुरुओं को अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्हें अपने-अपने समुदायों में जागरूकता फैलाने और टीकाकरण को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित
डब्ल्यूएचओ के आरआरटी सदस्य अबू कलाम, अमित कुमार, रवींद्र तुरी, सुजय दास, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, सदस्य एवं स्थानीय बुद्धिजीवी उपस्थित थे।