दिनेश यादव की रिपोर्ट,
सतबरवा (पलामू)। सतबरवा प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत चर्चित मलय डैम मुरमा की नहर टूटने से कई एकड़ में धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई दिनों से मलय डैम के मेन गेट का फाटक खुला था, जिसके कारण कैनाल का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा था। ग्रामीणों ने पहले ही आशंका जताई थी कि जलस्तर में बढ़ोतरी से नुकसान हो सकता है।
आज सोमवार को मुरमा में 18 नंबर चैन गेट के पास नहर टूट गई, जिससे पानी का बहाव अत्यधिक तेज हो गया और आसपास की खेतों में लगी धान की तैयार फसल पूरी तरह बह गई।
सूचना मिलने पर विभागीय टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तेज बहाव के कारण पानी को तुरंत नियंत्रित नहीं किया जा सका।
किसानों का कहना है कि फसल सिर्फ दो-चार दिन में कटने वाली थी, लेकिन अब पूरा परिश्रम व्यर्थ चला गया।
ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।
किसानों ने बताया कि “कई वर्षों बाद इस बार धान की अच्छी पैदावार थी, लेकिन नहर टूटने से सब कुछ बर्बाद हो गया।”