लातेहार/बालूमाथ:- जिले के बालूमाथ प्रखंड से एक खबर आ रही हैं की बालूमाथ उच्च विद्यालय परिसर में विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही के कारण शान से फहराया जाने वाला तिरंगा के ठीक सामने विरोध का प्रतीक काला झंडा घंटो लहराता रहा और विद्यालय प्रबंधन इस झंडे को हटाने में कोई रुचि नहीं दिखाई।प्राप्त जानकारी के अनुसार बालूमाथ उच्च विद्यालय में झंडा तोलन का समय 10:00 बजे निर्धारित की गई थी जब बालूमाथ के पदाधिकारी राजनीतिक दल एवं मीडिया व गणमान्य लोग झंडा तोलन करने पहुंचे तो देखा गया कि झंडोंतोलन स्थल के सामने एक बड़ा काला झंडा लहरा रहा है।और बिना काला झंडा को उतारे हुए प्रधानाध्यपिका रूबी बानो तिरंगा झंडा का झंडातोलन करना चाह रही थी ।इसी बीच मीडिया कर्मियों द्वारा काला झंडा लगाने का उद्देश्य के बारे में पूछा गया तो प्रधानाचार्य रूबी बानो जवाब नहीं देते नहीं बना ।फिर विद्यालय के एक शिक्षक राजीव रंजन पांडे द्वारा काला झंडा को उतारा गया ।मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने काला झंडा लगाने का जमकर विरोध किया ।ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त से मांग करते हुए कहा है कि आखिर किस परिस्थिति में गणतंत्र दिवस के दिन विरोध का प्रतीक माने जाने वाले काला झंडा लगाया गया था ।इसकी जाँच कर कारवाई की जाए।
क्या कहते हैं प्रधानाचार्य रूबी बानो
उपरोक्त विषय में प्रधानाचार्य रूबी बानो ने कहीं की ये खबर सही नहीं है। विद्यालय के बच्चों द्वारा खेल मैदान में सभी रंगों के झंडे के द्वारा सजा रहे थे। इसी क्रम में बच्चों नें कॉफी कलर के झंडे भी लगा दिए जो धूप में बिलकुल काला प्रतीत हो रहा था। हमारे विद्यालय के शिक्षक राजीव रंजन पाण्डेय नें जब ये देखा तब बच्चों को डांटकर तुरंत उन झंडों को उतरवाया। बच्चे नें यह काम जानकारी के अभाव में किया हैं।बालूमाथ हाई स्कूल राष्ट्र निर्माण एवं समाज निर्माण में अपनी भूमिका को अपने स्थापना काल से ही सर्वोपरि स्थान देते आया हुआ हैं। इसे देखते हुए बच्चों के अनभिज्ञता को ज्यादा तूल देना सही प्रतीत नहीं होता है