तीनपहाड़ में महासप्तमी पर निकलेगी भव्य कलश शोभायात्रा,1100 कन्याएं होंगी शामिल
महासप्तमी पर सुबह 7 बजे निकलेगी भव्य शोभायात्रा, रामपुरा नदी से पवित्र जल लेकर मंदिर लौटेंगी कन्याएं

तीनपहाड़:-महासप्तमी पर तीनपहाड़ में आस्था और भक्ति का भव्य संगम देखने को मिलेगा। मां दुर्गा के जयकारों, ढोल-नगाड़ों की गूंज और आकर्षक धार्मिक झांकियों के बीच शनिवार सुबह सात बजे भव्य कलश शोभायात्रा निकाली जायेगी। तीनपहाड़ सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित इस शोभायात्रा में 1100 कन्याओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। सिर पर कलश लेकर एक साथ निकलने वाली कन्याओं की कतार इस बार के आयोजन का मुख्य आकर्षण बनेगी।

दुर्गा मंदिर से रामपुरा नदी तक निकलेगी यात्रा
कलश शोभायात्रा तीनपहाड़ दुर्गा मंदिर परिसर से शुरू होकर मुख्य बाजार, नीचे टोला और बाबूपुर होते हुए रामपुरा नदी पहुंचेगी। वहां कन्याएं पवित्र जल भरकर वापस मंदिर परिसर लौटेंगी। इसी जल से पूजा का कलश स्थापित कर मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना शुरू की जायेगी। समिति के उपाध्यक्ष चंदन श्रीवास्तव ने बताया कि शोभायात्रा को भव्य और व्यवस्थित बनाने की तैयारियां की गयी हैं।
ढोल-नगाड़ों और झांकियों से भक्तिमय होगा माहौल
शोभायात्रा में डीजे, ढोल-नगाड़ों और मां दुर्गा की आकर्षक झांकियों की व्यवस्था रहेगी। 1100 कन्याओं की सहभागिता से यात्रा को विशेष भव्यता मिलने की उम्मीद है। पूरे मार्ग में गूंजते जय माता दी के जयकारे श्रद्धालुओं में धार्मिक उत्साह भरेंगे। महासप्तमी के इस आयोजन के साथ ही तीनपहाड़ में दुर्गा पूजा महोत्सव का विधिवत आगाज होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समिति सतर्क
समिति के सचिव सिद्धार्थ यादव बल्ला ने बताया कि शोभायात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। कन्याओं के लिए कलश, नारियल और पूजा सामग्री की व्यवस्था की गयी है। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय थाना को भी सूचना दी गयी है। यात्रा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए वालंटियरों की टीम तैनात रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पिछले साल से अधिक भागीदारी की उम्मीद
समिति के सदस्यों के अनुसार, हर साल कलश शोभायात्रा में कन्याओं की भागीदारी बढ़ रही है। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक कन्याओं के शामिल होने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी महिलाएं और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। शोभायात्रा के बाद मंदिर परिसर में कलश स्थापना, प्रतिमा स्थापना और विशेष पूजा-अर्चना की जायेगी। पूजा समिति ने आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से शोभायात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
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