बरहरवा में सीने पर कलश स्थापित कर प्रभु कुमार साह कर रहे नवरात्र साधना
बरहरवा के भदईटांड़ में आस्था की अनूठी मिसाल, नौ दिनों तक बिना अन्न ग्रहण किए करेंगे साधना


बरहरवा।मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था और भक्ति का भाव नवरात्र में अलग-अलग रूपों में देखने को मिलता है। कोई उपवास रखकर मां की आराधना करता है, तो कोई दिन-रात पूजा-पाठ में लीन रहता है। इसी आस्था के बीच साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड क्षेत्र के भदईटांड़ निवासी 32 वर्षीय प्रभु कुमार साह सीने पर कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। उनकी इस साधना में पूजा-पाठ के साथ परिवार के सदस्यों की सेवा और समर्पण भी अहम भूमिका निभा रहा है।
सहदेव साह के पुत्र प्रभु कुमार साह ने नवरात्र की प्रतिपदा तिथि को विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर अपने सीने पर कलश स्थापित किया। वे नौ दिनों तक बिना अन्न ग्रहण किए मां की उपासना में लीन रहेंगे। उनकी साधना दशमी तिथि तक चलेगी। इस दौरान नौ दिनों में क्रमशः एक-एक कलश स्थापित करने की परंपरा निभाई जाएगी और अनुष्ठान के समापन पर कलश विसर्जन किया जाएगा।
पूजा-पाठ में लीन हैं प्रभु, सेवा में जुटे परिजन
नवरात्र के इन नौ दिनों में प्रभु कुमार साह का समय मां दुर्गा की आराधना और पूजा-पाठ में बीत रहा है। उनकी साधना को सफल बनाने में घर के सदस्यों की सेवा और सहयोग भी महत्वपूर्ण है। परिवार के सदस्य उनकी देखभाल और पूजा से जुड़ी व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं। घर में भक्ति का माहौल बना हुआ है और मां दुर्गा के जयकारों व पूजा-अर्चना के बीच पूरा परिवार श्रद्धा के साथ इस अनुष्ठान से जुड़ा है।
आस्था और समर्पण का संदेश
नवरात्र को शक्ति की उपासना का पर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों कीह पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। प्रभु कुमार साह की साधना में उनकी व्यक्तिगत आस्था के साथ परिजनों का सहयोग भी दिखाई देता है। उनकी यह साधना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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