जिला हेड राजेश कुमार गुप्ता,
लातेहार, झारखंड:
धनबाद के लोयाबाद में आजसू पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए हमले तथा वरिष्ठ नेता रजनी रवानी की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को लातेहार जिला मुख्यालय में आजसू पार्टी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। समाहरणालय गेट के सामने आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। कार्यकर्ताओं ने “हेमंत तेरी मनमानी नहीं चलेगी”, “आजसू कार्यकर्ताओं को रिहा करो”, “भ्रष्टाचार और माफिया राज मुर्दाबाद” और “जनता की आवाज दबाना बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
इस मौके पर आजसू के जिला अध्यक्ष अमित पांडेय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि धनबाद के लोयाबाद में जो घटना हुई, वह केवल एक राजनीतिक हमला नहीं बल्कि लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि अवैध कोयला खनन, माफिया राज और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक विफलता और ढिलाई के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
अमित पांडेय ने यह भी कहा कि आजसू पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और जनता की आवाज को दबाने की हर कोशिश का मजबूती से विरोध करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी भ्रष्टाचार, माफिया तंत्र और अन्याय के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं युवा नेता मुकेश यादव ने अपने संबोधन में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में अपराध, भ्रष्टाचार और माफिया तंत्र इस कदर हावी हो चुका है कि आम जनता परेशान है। उन्होंने पुलिस और माफिया के बीच कथित गठजोड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि लोयाबाद हमले में शामिल सभी दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, उन्होंने वरिष्ठ नेता रजनी रवानी की तत्काल रिहाई की भी मांग की।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी देखने को मिली, जो इस विरोध प्रदर्शन को और अधिक प्रभावी बना रही थी। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रीमा देवी समेत कई महिला नेताओं ने भी सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष अमित पांडेय, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रीमा देवी, जिला उपाध्यक्ष बिट्टू दास, गीता देवी, फुलकुमारी देवी, लवकुश यादव, ओबीसी मोर्चा सचिव विकास कुमार, युवा प्रभारी मुकेश यादव, मणिका अध्यक्ष नंदन कुमार, प्रखंड अध्यक्ष अमर उरांव, नगर अध्यक्ष विकास साहू, श्रीकांत पासवान, नीरज कुमार, सुबोध कुमार, कमलदेव उरांव, प्रभास आनंद, नीरज यादव, प्रिंस दुबे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल थे।