पाकुड़ संवाददाता :
घर की दहलीज लांघकर राजनीति में कदम रखने वाली विधायक निसात आलम आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। एक साधारण महिला की तरह जीवन जीने वाली निसात आलम जब राजनीति में उतरीं, तब उनके सामने कई चुनौतियां थीं। शुरुआत में लोगों को यकीन करना मुश्किल था कि वे इन चुनौतियों से पार पा सकेंगी, लेकिन उन्होंने अपने काम और जनसंपर्क के दम पर खुद को साबित किया।
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की धर्मपत्नी होने के बावजूद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। विधानसभा चुनाव में पहली बार ही ऐतिहासिक जीत हासिल कर उन्होंने विपक्ष को चौंका दिया। उनकी इस जीत में महिलाओं की अहम भूमिका रही, जो आज भी उनके समर्थन में मजबूती से खड़ी नजर आती हैं।
क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। जब भी वे क्षेत्र भ्रमण पर निकलती हैं, खासकर महिलाओं की भारी भीड़ उनका स्वागत फूलों की बारिश और मालाओं से करती है। महिलाएं उनसे बिना किसी झिझक के मिलती हैं, अपनी समस्याएं साझा करती हैं और आत्मीयता से बातचीत करती हैं।
हाल ही में शहरी क्षेत्र के बल्लभपुर, कालिकापुर और पियादापुर सहित कई मोहल्लों के दौरे के दौरान भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने उन्हें घेर लिया, फूलों से स्वागत किया और आपसी बातचीत के दौरान हंसी-ठिठोली का माहौल भी बना। इस दौरान महिलाओं ने अपनी स्थानीय समस्याओं से भी उन्हें अवगत कराया।
सभा को संबोधित करते हुए निसात आलम ने कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वे हर समस्या को विधानसभा में उठाती हैं और सरकार भी जनहित में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है और जेएसएलपीएस के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
इस मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीकुमार सरकार, विधायक प्रतिनिधि गुलाम अहमद उर्फ बकुल, प्रखंड अध्यक्ष मंसारुल हक, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष शाहीन परवेज, जिला कोषाध्यक्ष असद हुसैन, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष शहनाज बेगम, ओबीसी जिला अध्यक्ष आमिर हमजा सहित कई गणमान्य लोग और कार्यकर्ता मौजूद थे।