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Gumla:घाघरा का सरहुल आज मांदर की गूंज में झूम उठा घाघरा, 220 खोड़ा दलों ने की दमदार प्रस्तुति

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Gumla:घाघरा का सरहुल आज मांदर की गूंज में झूम उठा घाघरा, 220 खोड़ा दलों ने की दमदार प्रस्तुति

प्रेम कुमार साहू, घाघरा प्रखंड मुख्यालय घाघरा मंगलवार को आस्था, परंपरा और संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जब प्रकृति का महापर्व सरहुल पूरे उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। चांदनी चौक स्थित झाखरा कुम्भा सरना स्थल पर उमड़े जनसैलाब ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़…

Gumla:घाघरा का सरहुल आज मांदर की गूंज में झूम उठा घाघरा, 220 खोड़ा दलों ने की दमदार प्रस्तुति
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Gumla:घाघरा का सरहुल आज मांदर की गूंज में झूम उठा घाघरा, 220 खोड़ा दलों ने की दमदार प्रस्तुति

प्रेम कुमार साहू,

घाघरा प्रखंड मुख्यालय घाघरा मंगलवार को आस्था, परंपरा और संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जब प्रकृति का महापर्व सरहुल पूरे उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। चांदनी चौक स्थित झाखरा कुम्भा सरना स्थल पर उमड़े जनसैलाब ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ सरना स्थल पर जुटने लगी। ग्राम प्रधान चंदर उरांव ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। बैगा द्वारा सराई फूल लगाकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। इसके बाद झाखरा कुम्भा सरना स्थल से निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे घाघरा नगर को उत्सव में बदल दिया। मांदर, ढोल, नगाड़ा और झांझ की गूंज के बीच हजारों लोग पारंपरिक वेशभूषा में सड़कों पर उतर आए। हर कदम, हर ताल पर झूमता जनमानस अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का प्रदर्शन करता नजर आया।
220 खोड़ा दलों का जलवा, हर गांव की झलक

इस महोत्सव में 21 गांवों के श्रद्धालुओं की भागीदारी रही, जबकि 220 खोड़ा दलों ने अपनी जीवंत नृत्य प्रस्तुतियों से माहौल को और भी रोमांचक बना दिया। सरना स्थल परिसर लोकनृत्य और गीतों से गूंजता रहा।
आस्था का उत्सव बना प्राकृतिक पर्व सरहुल अध्यक्ष राजकुमार उरांव
सरहुल हमारी आस्था और प्रकृति के प्रति समर्पण का सबसे बड़ा पर्व है। यह हमें जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संदेश देता है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी हमारी संस्कृति की ताकत को दर्शाती है।


सरहुल हमारी पहचान है या उत्सव नहीं प्राकृतिक के साथ गहरे संबंध और आस्था का प्रतीक है सचिव योगेंद्र भगत
यह पर्व हमारी पहचान है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है सरहुल। इसे सहेजना और आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी शोभा यात्रा में हुऐ शामिल मौजूदगी, कलाकारों का सम्मान
कार्यक्रम में इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, बीडीओ यादव बैठा एवं जिला परिषद सदस्य सतवंती देवी मौजूद रहे। उन्होंने कलाकारों और खोड़ा दलों को सम्मानित कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।


सरहुल को लेकर घाघरा पुलिस टीम मुस्तैद जगह जगह पर थी पुलिस बल की तैनाती
सरहुल पर्व को शांतिपूर्ण सुरक्षित ढंग से संपन्न करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी और पूरे क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग की गई ।आम लोगों से भी शांति सहयोग बनाए रखने की अपील की गई थी जिसका सकारात्माक असर देखने को मिला।

समारोह को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष राजकुमार उरांव, सचिव योगेंद्र भगत सहित कई गणमान्य लोगों और ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरे घाघरा क्षेत्र में सरहुल को लेकर दि,नभर उत्सव और आस्था का माहौल बना रहा।

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