पाकुड़ संवाददाता,
महेशपुर। ग्राम सेवा कार्यक्रम के तहत महेशपुर प्रखंड के देवीनगर पंचायत में ग्रामीणों के बीच 900 सोनाली मुर्गियों का वितरण किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाना है। वितरण कार्यक्रम के दौरान लाभुकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने इसे आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के तहत चयनित युवाओं को मुर्गी पालन के आधुनिक प्रशिक्षण भी प्रदान किए गए, जिससे वे वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। साथ ही युवाओं को ड्रेस किट भी दी गई, ताकि उनमें जिम्मेदारी, अनुशासन और आत्मविश्वास की भावना विकसित हो।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की योजनाएं ग्रामीणों को कम लागत में बेहतर आय का स्रोत उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन एक लाभकारी व्यवसाय है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर में सुधार लाएँ।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का प्रयास करेंगे और इसे अपनी आजीविका सुधार का माध्यम बनाएंगे।
देवीनगर पंचायत में किया गया यह वितरण कार्यक्रम आत्मनिर्भर गांव के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।