नवरात्रि पूजा के माध्यम से बच्चों को दी जा रही ‘संस्कार’ की शिक्षा
सदर (पलामू)।
चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर सदर प्रखंड के पोलपोल स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री सर्वेश्वरी मंगलम विद्या मंदिर में इन दिनों भक्ति, अनुशासन और संस्कार का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। विद्यालय परिसर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन बड़े ही विधि-विधान और आध्यात्मिक वातावरण के साथ किया गया।
विद्यालय के डायरेक्टर एवं प्रबुद्ध समाजसेवी श्री सच्चिदानंद राम बाबा के नेतृत्व में नवरात्रि की पूजा शुरू हुई। परिसर में देवी-देवताओं का आह्वान कर भव्य कलश स्थापना की गई है। मंदिर प्रांगण में जौ की हरी-भरी हरियाली के बीच रखे गए कलश पूरे वातावरण को दिव्य और शांतिमय बना रहे हैं।
संस्कार और अनुशासन का पाठ
श्री सच्चिदानंद राम बाबा ने बच्चों के साथ स्वयं पूजा-अर्चना की और उनके साथ मिलकर शुद्ध अंतःकरण से देवी शक्ति की उपासना की। उन्होंने कहा कि—
“शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित नहीं है। बच्चों को संस्कार, अनुशासन और अपनी गौरवशाली सनातन संस्कृति से परिचित कराना भी उतना ही जरूरी है।”
उन्होंने यह भी बताया कि पूजा के माध्यम से बच्चों को एकाग्रता, संयम, अनुशासन और आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है।
स्कूल बना संस्कारों की पाठशाला
पूजन कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और स्थानीय अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने मां शक्ति से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्री सच्चिदानंद राम बाबा के नेतृत्व में यह विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक मिसाल बन गया है। यहाँ शिक्षा के साथ—साथ संस्कार, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है.