गुमला।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गुमला प्रशासन का तीसरे दिन भी सघन जांच अभियान जारी रहा। शुक्रवार, 05 दिसंबर 2025 को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की संयुक्त टीम ने DAV स्कूल परिसर में जांच की। इस दौरान स्कूल बसों और निजी वाहनों में भारी अनियमितताएँ मिलने पर कड़ी कार्रवाई की गई। एक विंगर वाहन जब्त किया गया तथा ₹43,000 का चालान काटा गया।
गंभीर लापरवाही पर प्रिंसिपल की लगी फटकार
जांच में कई बड़े सुरक्षा उल्लंघन सामने आए—
- एक्सपायर्ड फायर एक्सटिंग्विशर: कई बसों में अग्निशामक यंत्र की वैधता समाप्त हो चुकी थी।
- सुरक्षा उपकरणों की कमी: कई बसों में CCTV और GPS जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण नहीं लगे थे।
- अवैध अतिरिक्त लाइटें: नियमों के विपरीत बसों में अतिरिक्त लाइटें लगी मिलीं, जिस पर ₹43,000 का जुर्माना लगाया गया।
DTO और DEO ने मामले को गंभीर मानते हुए स्कूल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
वाहन चालकों और अभिभावकों में हड़कंप
जैसे ही अभियान की जानकारी फैली, कई टेंपो और निजी वाहन चालक जांच स्थल से फरार होते दिखे। बच्चों को लेने आए कई अभिभावकों पर भी बिना हेलमेट के आने पर ऑनलाइन चालान काटा गया।
अधिकारियों ने कहा—
“बच्चे भविष्य हैं, उनकी सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्राइवेट गाड़ियों के खिलाफ सख्त चेतावनी
जाँच में यह भी सामने आया कि कई वाहन सफेद नंबर (प्राइवेट नंबर) पर बच्चों को ढो रहे हैं, जो पूर्णतः अवैध है।
DTO का निर्देश:
- ऐसे सभी वाहन अगले माह तक कमर्शियल नंबर (पीला प्लेट) पर परिवर्तित करें।
- दुर्घटना की स्थिति में प्राइवेट नंबर पर बीमा दावा लगभग असंभव होता है।
स्कूलों को स्पष्ट निर्देश
प्रशासन ने सभी स्कूलों को आदेश दिया है कि छात्रों को लाने-ले जाने वाली सभी गाड़ियों में—
लाइसेंस, बीमा, परमिट, फिटनेस, GPS, CCTV और फायर सेफ्टी—
सब कुछ अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो, अन्यथा स्कूल प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार माना जाएगा।
इस कार्रवाई में DTO, DEO के साथ मोटरयान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह और प्रदीप तिर्की भी मौजूद थे।