बरहरवा। मुस्लिम समुदाय के लिए हक व अधिकार के लिए उधवा प्रखंड के मध्य विद्यालय पियारपुर में महाबैठक का आयोजन झारखंड जन सेवा संगठन के सचिव मौलाना फारुख हुसैन शम्सी की अध्यक्षता में हुई। बतौर मुख्य अतिथि झारखंड छात्र संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष शमीम अली व झामुमो के प्रो.नजरुल इस्लाम उपस्थित हुए।
इस दौरान नजरुल इस्लाम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हक व अधिकार के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा। केन्द्र सरकार जो वक्फ बोर्ड बिल पास किया है,वह हमारे सरियत के हक में नहीं है। हालांकि इस मामले में दर्जनों याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया है। वक्फ बोर्ड के कमेटी में गैर मुस्लिम के तीन सदस्यों को मनोनित करना बिल्कुल ग़लत है।
वहीं मुख्य अतिथि शमीम अली ने कहा कि राज्य सरकार भी मुस्लिम समुदाय के समस्या जैसे आलिम-फाजिल डिग्री को उत्तर प्रदेश के तर्ज़ पर समाप्त करने का साजिश कर रहे हैं।वहीं बिहार में लागू उर्दू बोर्ड बोर्ड,मदरसा बोर्ड का गठन, उर्दू शिक्षकों के स्वीकृत पदों पर नियुक्ति समेत कई बिन्दुओं पर झारखंड पुनर्गठन विधेयक के तहत मिलना चाहिए।
लेकिन 25 साल बाद भी झारखंड के मुसलमानों को सिर्फ़ वोट बैंक के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है। झारखंड जन सेवा संगठन के सचिव मौलाना फारुख हुसैन शम्सी ने कहा कि उम्मीद पोर्टल पर मस्जिद,ईदगाह,कब्रिस्तान,मदरसा,इमामबाड़ा समेत सार्वजनिक जमीन को 5 दिसम्बर तक उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
मौके पर पाकुड़ से नजरुल अंसारी,अनवर हुसैन, मौलाना साईद अख्तर,अबुल कलाम,मो.बदरुद्दीन,जकीर हुसैन,अनवारुल हक, अब्दुल मुकीद आदि थे।