गोमिया:
झारखंड जेनरल मजदूर यूनियन ऐक्टू शाखा टी टी पी एस ललपनिया द्वारा आज ललपनिया में केन्द्र की मोदी सरकार के श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ झारखंड जेनरल मजदूर यूनियन ऐक्टू शाखा टी टी पी एस ललपनिया में प्रतिवाद मार्च निकाला गया।
यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश राम ने कहा कि देश के मजदूरों पर मोदी सरकार का यह हमला इतिहास में पहली बार है,जो अधिकार मजदूरों ने संघर्ष और बलिदान देकर लिया था उसे एक झटके मजदूर विरोधी सरकार ने समाप्त कर दिया।
झारखंड जेनरल मजदूर यूनियन ऐक्टू के सचिव सुरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि आज संविधान दिवस है, और आज मजदूर वर्ग सड़कों पर है।
उन्होंने कहा कि देश की मोदी सरकार वर्षो से बने मजदूर हित में श्रम कानूनों को संशोधन कर यह साबित कर दिया है कि देश में केवल पूंजीपति राज रहेगा।
44 श्रम कोड को केवल 4 श्रम कोड समाहित कर दिया गया है। जिसमें मजदूरों के काम कोई घंटा निर्धारित नहीं होगा, प्रबंधन या मालिक निर्धारित करेगा की मजदूरों को कितने घंटे तक काम करना है, अपने हक के लिए यूनियन बनाने या हड़ताल करने का कोई अधिकार नहीं रहेगा, जिस तरह मोदी सरकार ने तीन कृषि कानून लाए थे इस तरह मोदी सरकार द्वारा मजदूर विरोधी श्रम विरोधी कानून लाया गया है, हम तमाम मजदूर से अपील करते हैं कि जिस तरह किसानों ने अपने अधिकारों को पाने के लिए आंदोलन करते-करते सैकड़ो किसानों ने अपनी शहादत दे दी और मोदी सरकार को उनके आगे झुकना पड़ा, आज भी जरूरत है भारत के तमाम मजदूर वर्ग अपनी चट्टानी एकता को दिखाते हुए मजदूर हित में श्रम कानून के संशोधन के खिलाफ, मोदी सरकार के तानाशाही के खिलाफ कड़ा संघर्ष करें। कार्यक्रम में श्रवण किस्कू,रामू यादव,जलधर महतो, रामजी मुर्मू,बीरू मांझी, नागेश्वर गोप,बुधन बेसरा, बाबूलाल मांझी,बुधन यादव, प्रमोद यादव, नारायण यादव,नकुल महतो, महेंद्र महतो, मनोज महतो,मोहन महतो, के अलावा दर्जनों मजदूर उपस्थित थे।