घाघरा (गुमला) — रन्हे स्थित चिल्ड्रन अकैडमी प्लस टू विद्यालय में शनिवार को अभिभावकों और शिक्षकों की संयुक्त विचार गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और मोबाइल के दुष्प्रभाव पर था।
गोष्ठी की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक विजय साहू ने की। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, गृहकार्य, स्कूल डायरी पर अभिभावकों की नियमित जांच और हस्ताक्षर जैसे बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने जानकारी दी कि सत्र 2025-26 की प्रथम अर्धवार्षिक परीक्षा 28 जुलाई से प्रारंभ होगी।
विद्यालय की प्रधान अध्यापिका मीना देवी ने बच्चों की नियमित उपस्थिति को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि अभिभावकों को बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित घाघरा थाना के सब इंस्पेक्टर विकास कुमार ने क्षेत्र में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा, “अपने बच्चों को नशा पान और मोबाइल फोन से दूर रखें। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद के लिए भी प्रेरित करें, लेकिन उन्हें मोटरसाइकिल या स्मार्टफोन देना खतरनाक हो सकता है।” उन्होंने कहा कि नशे से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि यह सामाजिक पतन का कारण भी बनता है।
अभिभावकों ने बैठक में एक स्वर में प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिलाया और अपने बच्चों को नशा व मोटरसाइकिल से दूर रखने का संकल्प लिया।
बैठक में उपस्थिति प्रमुख लोगों में घाघरा थाना के एसआई विकास कुमार, विद्यालय प्रबंधक विजय साहू, प्रबंधन समिति की सदस्य रश्मि देवी, प्रधान अध्यापिका मीना देवी, उप प्रधान अध्यापिका रीना मिंज, शिक्षक प्रेमचंद साहू, राहुल नाग, अजीत लकड़ा सहित अन्य शिक्षक और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे।