कोटालपोखर, मयूरकोला में नवरात्र पूजा और कलश यात्रा
जय माता दी के जयकारों से गूंजे गांव,कलश यात्रा के साथ नवरात्र का शुभारंभ

कोटालपोखर संवाददाता। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को बरहरवा प्रखंड के कोटालपोखर, मयूरकोला और पथरिया गांव में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। विभिन्न मंदिरों में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना के साथ कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
तालाब से जल लेकर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु
कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर गांव के तालाब तक पहुंची। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कलश में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु गांव का भ्रमण करते हुए वापस मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। माता के जयकारों से गांव का वातावरण भक्तिमय बना रहा। धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में प्रथम हैं। शारदीय नवरात्र के पहले दिन उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु मां की आराधना कर सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। मयूरकोला सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नवरात्र को लेकर धार्मिक उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजन में इनकी रही अहम भूमिका
कलश यात्रा को सफल बनाने में कलेशर साहा, संजय घोष, रितेश चौधरी, मिथुन साहा, भोला साहा, सोनू तिवारी, शर्दानंद तिवारी, कासीनाथ साहा, निरेन साहा और शंकर लाल घोष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों के सहयोग से धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण उपस्थित रहे।
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