दुर्गापूजा में मनमानी पर प्रशासन सख्त, बिना अनुमति रूट बदला तो होगी कार्रवाई
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रिपोर्ट : निशांत कुमार सानू,
पाकुड़ संवाददाता ।दुर्गापूजा के दौरान जुलूस के निर्धारित रूट से छेड़छाड़ अब भारी पड़ सकती है। प्रशासन की अनुमति के बिना जुलूस का रूट बदलने पर संबंधित पूजा समिति के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। विसर्जन, रावण दहन और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए भी पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी गयी है। वहीं सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट के जरिये माहौल बिगाड़ने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।
सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में उपायुक्त मेघा भारद्वाज और एसपी अनुदीप सिंह ने पूजा समितियों व शांति समिति के सदस्यों को स्पष्ट संदेश दिया कि पर्व मनायें, लेकिन नियमों के दायरे में। अधिकारियों ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

रूट से लेकर सोशल मीडिया तक निगरानी
प्रशासन ने जुलूस के रूट, विसर्जन मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर विशेष तैयारी शुरू कर दी है। रूट में बदलाव की जरूरत होने पर संबंधित एसडीओ से पहले अनुमति लेनी होगी। संवेदनशील इलाकों और पूजा पंडालों के रूट का सत्यापन कराया जा रहा है। ट्रैफिक, प्रवेश-निकास, बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था भी पहले से दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। डीसी ने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री को बिना सत्यापन आगे न बढ़ायें। ऐसी सामग्री दिखने पर तत्काल थाना प्रभारी या संबंधित बीडीओ को सूचना दें।
हर पंडाल में स्वयंसेवक,आपात नंबर होंगे प्रदर्शित
डीसी मेघा भारद्वाज ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सभी पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने का निर्देश दिया गया है। स्वयंसेवकों की पहचान के लिए कैप और जरूरत के अनुसार सीटी रखने को कहा गया है।
पंडालों में अग्निशमन, पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। पूजा से पहले प्रमुख सड़कों और जरूरी स्थानों पर मरम्मत, प्रकाश, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अतिरिक्त बल के साथ क्यूआरटी रहेगी तैयार
एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि दुर्गापूजा को लेकर पुलिस ने सुरक्षा का विस्तृत प्लान तैयार किया है। उपलब्ध पुलिस बल का आंतरिक पुनर्संयोजन किया जा रहा है और अतिरिक्त बल की मांग मुख्यालय से की गयी है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के साथ असामाजिक तत्वों की पहचान, सत्यापन और निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ पर्याप्त संख्या में क्यूआरटी तैयार रहेगी। मॉक ड्रिल, जिला नियंत्रण कक्ष और विभागीय समन्वय की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके।
डीजे बजाने में भी नियमों की अनदेखी नहीं
एसपी ने स्पष्ट किया कि डीजे के इस्तेमाल को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश प्रभावी हैं। पूजा समितियों को संबंधित दिशा-निर्देश उपलब्ध कराये जायेंगे और उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई होगी। थाना स्तर पर नोडल पदाधिकारी नियुक्त किये जायेंगे, जो पूजा समितियों और पुलिस-प्रशासन के बीच त्वरित समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी सख्ती
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दुर्गापूजा के दौरान अफवाह, भड़काऊ गतिविधि, रूट में मनमाना बदलाव या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश को गंभीरता से लिया जायेगा। डीसी ने कहा कि पाकुड़ की पहचान आपसी भाईचारे और सौहार्द से है और इस परंपरा को बनाये रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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