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एसआइआर[SIR]-2026 में कोई पात्र मतदाता नाम दर्ज कराने से न छूटे : निर्वाचन आयोग

निर्धारित 11 दस्तावेजों में से एक वैध दस्तावेज जरूरी, सत्यापन में सावधानी बरतने का निर्देश

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पाकुड़ संवाददाता। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर)-2026 के दौरान कोई भी पात्र मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाए। सभी संबंधित पदाधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पुनरीक्षण कार्य पूरा करें। यह निर्देश भारत निर्वाचन आयोग के सचिव संजीव कुमार प्रसाद ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में दिया।

एसआइआर[SIR]-2026 में कोई पात्र मतदाता नाम दर्ज कराने से न छूटे : निर्वाचन आयोग

दस्तावेजों के सत्यापन में बरतें पूरी सावधानी

समीक्षा के दौरान आयोग के सचिव ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण एवं सत्यापन में दस्तावेजों की जांच पूरी सावधानी से करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत अथवा संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन नहीं किया जाए। अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने जिले में एसआइआर-2026 के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।

11 दस्तावेजों में से एक वैध दस्तावेज जरूरी

बैठक के दौरान सुनवाई के क्रम में ईआरओ और एईआरओ के समक्ष आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी आयोग के सचिव को दी गयी। उन्होंने संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सुनवाई से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने को कहा।

सचिव ने बताया कि निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कम-से-कम एक वैध दस्तावेज उपलब्ध होना आवश्यक है। दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के दौरान निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया गया।

सरल मामलों का प्राथमिकता से करें निष्पादन

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि आयोग के सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में किसी प्रकार की शंका या अस्पष्टता नहीं है, उनका प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए।

वहीं, जिन मामलों में दस्तावेजों को लेकर संदेह या अस्पष्टता है, उनका अलग प्रतिवेदन तैयार कर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया जाए। उन्होंने सभी दस्तावेजों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, तीनों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ), उप निर्वाचन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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