
कोटालपोखर संवाददाता, साहिबगंज।
रिपोर्ट: निशांत कुमार सानू
बरहरवा प्रखंड क्षेत्र में पुराने तालाबों और पोखरों के जीर्णोद्धार की दिशा में पहल शुरू की गई है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण इलाकों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से भूमि संरक्षण विभाग के माध्यम से यह योजना आगे बढ़ाई जा रही है।

इस संबंध में पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक निसात आलम ने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर जनहित में आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की है।
कई गांवों के तालाबों की हुई पहचान
विधायक द्वारा भेजे गए पत्र में बरहरवा प्रखंड के विभिन्न गांवों में स्थित तालाबों और पोखरों के जीर्णोद्धार का उल्लेख किया गया है। इसमें ग्रामसीर, रानीग्राम, थोपग्राम, कोटालपोखर और चापुजान के जलस्रोत शामिल हैं।
जल संचयन और खेती को मिलेगा फायदा
इन तालाबों के जीर्णोद्धार से बारिश के पानी का बेहतर संचयन संभव होगा। इससे न केवल जल स्तर में सुधार आएगा बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता भी बेहतर होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को देखते हुए यह पहल कृषि व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुराने जलस्रोत फिर बनेंगे उपयोगी
ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने तालाब और पोखर जल संरक्षण का अहम साधन रहे हैं। समय के साथ उपेक्षा के कारण कई जलस्रोत खराब हो गए हैं। इनके पुनर्जीवन से स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और पर्यावरण संतुलन भी मजबूत होगा।
विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ने पर चिह्नित गांवों में जल्द ही जीर्णोद्धार कार्य शुरू होने की संभावना है।
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