शिक्षक दिवस पर वित्त रहित संस्थानों में शैक्षणिक हड़ताल, काला बिल्ला लगाकर जताएंगे विरोध

साहिबगंज:
आगामी 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर में संचालित करीब 1250 वित्त रहित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल की जाएगी। इस दौरान वित्त रहित संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी सरकार के कथित उदासीन रवैये के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे।
संध्या कॉलेज के प्राचार्य शंभुनाथ पाठक के नेतृत्व में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्राचार्य ने बताया कि मोर्चा की ओर से लंबे समय से वित्त रहित संस्थानों के शिक्षक-कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रमुख मांगों में 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि से संबंधित प्रस्ताव को अविलंब कैबिनेट में भेजना, वित्त रहित शिक्षक-कर्मचारियों को राज्य कर्मी का दर्जा देना तथा कार्मिक विभाग के उस पत्र पर कार्रवाई करना शामिल है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के समान नियमावली बनाकर वेतनमान देने की बात कही गई है। इसके अलावा सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ वित्त रहित संस्थाओं की छात्राओं को भी उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है।
मोर्चा ने झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) में वित्त पदाधिकारी, परीक्षा नियंत्रक एवं शैक्षणिक पदाधिकारी के पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। निर्धारित अहर्ता पूरी नहीं करने वाले अधिकारियों को हटाने, 18 माह से रिक्त उपाध्यक्ष पद तथा मई से रिक्त 13 सदस्य पदों को शीघ्र भरने की मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त वर्ष 2026-27 से अनुदान रोके जाने की आशंका वाले 158 अनुदानित विद्यालयों का अनुदान जारी रखने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। इंटरमीडिएट कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों के लिए सेवा शर्त नियमावली बनाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है।
प्राचार्य शंभुनाथ पाठक ने कहा कि शिक्षक दिवस के दिन सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे और सरकार से लंबित मांगों पर सकारात्मक पहल की उम्मीद करेंगे।
मौके पर प्राचार्य शंभुनाथ पाठक के साथ राजीव झा, प्राणनाथ तिवारी, सत्येंद्र कुमार वर्मा, अरूप चटर्जी, विनोदानंद झा, वीरेंद्र दुबे, शंभू पांडे, सत्यनिधि झा, अनुपमा झा, राधे यादव, विनोद हरि, अर्जुन महतो, बासु पहाड़िया सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे।
![]()




