रांची में बोरिंग के नियम सख्त, अब 4 इंच तक ही अनुमति
रेन वाटर हार्वेस्टिंग के बिना नहीं मिलेगी बोरवेल की मंजूरी, सरकारी जमीन पर बोरिंग कराने पर होगी कार्रवाई

रांची संवाददाता। लगातार गिरते भूगर्भ जलस्तर और गर्मी के दिनों में बढ़ते जल संकट को देखते हुए रांची नगर निगम ने घरेलू उपयोग के लिए बोरिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। नगर निगम की ओर से जारी आम सूचना के अनुसार अब घरेलू उपभोक्ताओं और गृहस्वामियों को ट्यूबवेल या बोरवेल के लिए अधिकतम 4 इंच व्यास की बोरिंग की ही अनुमति दी जाएगी। बोरिंग कराने से पहले नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जिन भवनों में अभी रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं है, उन्हें बोरिंग की अनुमति तभी दी जाएगी, जब वर्षाजल संचयन की व्यवस्था की जाएगी। यानी बोरिंग की अनुमति को सीधे रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ दिया गया है।
नगर निगम के अनुसार वाहनों और रिग मशीनों के जरिए बड़ी संख्या में बोरिंग कराये जाने से शहरी क्षेत्र में भूगर्भ जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसका असर गर्मी में जल संकट के रूप में सामने आता है। भूजल संरक्षण के लिए बोरिंग को नियंत्रित करना जरूरी है।

गहराई और जलस्तर की जानकारी देनी होगी
आदेश के मुताबिक घरेलू उपयोग के लिए ड्रिल बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर निर्धारित होगी। बोरिंग कराने के बाद उसकी गहराई और जलस्तर की जानकारी भी नगर निगम को उपलब्ध करानी होगी।
आवेदक को पहचान पत्र, होल्डिंग रसीद, जीपीएस फोटो और आवश्यक अनुमति से संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे। बोरिंग की अनुमति केवल निजी जमीन पर दी जाएगी। सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग कराने की अनुमति नहीं होगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर भवन मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अवैध बोरिंग को सील भी किया जा सकता है।
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