आंगनबाड़ी केंद्रों का उपायुक्त ने किया निरीक्षण, बच्चों की शिक्षा और पोषण पर दिया जोर।


पाकुड, संवाददाता।
पाकुड़: जिले में उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने सदर प्रखंड अंतर्गत सोनाजोड़ी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र सह प्री-नर्सरी स्कूल केंद्र रसीकटोला तथा हिरणपुर प्रखंड के मणिडांगा आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, पोषण, स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा की और संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सबसे पहले सोनाजोड़ी स्थित केंद्र का दौरा किया, जहां उन्होंने सेविका द्वारा बच्चों को दी जा रही समावेशी शिक्षा, दैनिक गतिविधियों और प्रारंभिक शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन कराई जा रही गतिविधियों, पोषण वाटिका, तथा दिए जा रहे आहार और पोषाहार की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने केंद्र में उपलब्ध उपकरणों जैसे लंबाई और वजन मापने की मशीन का निरीक्षण करते हुए उनके नियमित उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के अटेंडेंस रजिस्टर की जांच कर उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही केंद्र परिसर की साफ-सफाई, बच्चों के स्वास्थ्य एवं बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा। उन्होंने बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
इसके बाद उपायुक्त हिरणपुर प्रखंड के मणिडांगा आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं, जहां उन्होंने घोषणा की कि इस केंद्र को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को बेहतर शिक्षण और पोषण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान सेविका द्वारा बिजली और पेयजल की समस्या से अवगत कराए जाने पर उपायुक्त ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं और यहां शिक्षा, पोषण तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
![]()




